Fastag Kya Hai? फास्टटैग क्या है? और यह कैसे काम करता है?

By | May 14, 2021

आज देश दुनिया में हर जगह टोल प्लाजा को लेकर काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, यहाँ होनेवाली परेशानियों का हल निकालने के लिए अब भारत सरकार ने भी अपने यहाँ राष्ट्रीय हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू कर दिया है जिसको आप फास्टैग के नाम से जानते हैं। सबसे पहले यह स्कीम भारत में वर्ष 2014 में शुरू की गयी थी बाद में धीरे – धीरे इसको पुरे देश में लागू कर दिया, आज के समय में सबको अपने गाड़ियों पर फास्टैग लगाना जरुरी हो गया है।

FastTag Kya Hai?

fastag kya hai

यह टोल प्लाजाओं पर टोल कलेक्शन सिस्टम में होने वाली परेशानियों का समाधान करने वाला एक सिस्टम है जिसकी हेल्प से लोग टोल प्लाजा पर बिना रुके ही बहुत आसानी से टोल जमा करके आगे बढ़ जाते है और टोल प्लाजा पर भीड़ भी नहीं होती है। फास्टैग आ जाने से लोगों को काफी सुबिधा मिली है अब उनको टोलप्लाजा पर ज्यादा रुकना नहीं पड़ता है, गाडी में फास्टैग लगा रहता है वहीँ से उनके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। इसकी मदत से आप बिना रूके अपना टोल प्लाजा टैक्स दें सकते हैं।

फास्टैग कैसे काम करता है?

फास्टैग किसी भी वाहन के विंडस्क्रीन में पर लगाया जाता है और इसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) लगा होता है, जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास आती है, तो टोल प्लाजा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन में लगे फास्टैग के संपर्क में आ जाता है और आपके फास्टैक अकाउंट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क आप के अकाउंट से काट देता है जिसकी वजह से आप वहां बिना रूके अपना टोल टैक्स का भुगतान कर देते हैं।

आप की गाड़ी में लगा ये फास्टैग, आपके प्रीपेड खाते के सक्रिय होते ही अपना कार्य शुरू कर देगा, अगर आपके फास्टैग अकांउट की राशि खत्म हो जाएगी, तो उसे फिर से रिचार्ज करवाना पड़ता है ताकि फास्टैग की वैधता बनी रहे, 5 वर्ष तक के बाद आपको नया फास्टैग अपनी गाड़ी पर लगवाना होगा।

फास्टैग के फायदे ( Benefits of FasTag or ETC)

  • फास्टैग सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की तरफ से टोलटैक्स देने के कारण लगने वाली भीड़ का समाधान है।
  • इसकी मदद से आपका समय बचने के साथ-साथ आपके पेट्रोल या डीजल की भी बचत होती है।
  • वर्ष 2016-17 के बीच इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों को टोल भुगतानों पर 10% का कैशबैक भी मिला था।
  • वर्ष 2019-2020 तक 2.5 % कैश बैक मिलेगा।
  • कैश बैक की राशि एक सप्ताह के भीतर आपके फास्टैग खाते में अपने आप आ जाते हैं।
  • पहले फास्टैग केवल भारत के चुनिंदा शहरों के टोल प्लाजा पर ही लागू था, मगर अब यह पुरे देश में लागू कर दिया गया है।
  • इसमें एसएमएस की सुविधा भी होती है, जैसे ही आप किसी टोल प्लाजा को पार करेंगे, तो फास्टैग अकाउंट से आपका शुल्क कटते ही आपके पास एक एसएमएस आ जाएगा।

इन बैंकों से होगा रिचार्ज (Bank for Recharge FasTag or Electronic Toll Collection (ETC) Account in Hindi)

यदि आप के पास क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, आरटीजीएस और नेट बैंकिंग जैसी सुबिधा है तो आप इसके माध्यम से अपने फास्टैग अकाउंट को रिचार्ज कर सकते हैं। इसको कम से कम 100 रूपए और ज्यादा से ज्यादा एक लाख तक रिचार्ज किया जा सकता है। आप चाहें तो राष्ट्रीय हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जाकर भी इसको रिचार्ज कर सकते हैं। पीओएस के अंदर आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक ही आते हैं यहाँ से भी रिचार्ज हो जाता है।

फास्टैग को बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों को भी जमा करवाने की आवश्यकता होती है।

  • आप के वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी)
  • गाड़ी के मालिक का पासपोर्ट तस्वीर
  • वाहन मालिक के केवाईसी दस्तावेज और कोई भी दस्तावेज जिस पर आपके घर का पता हो।

भारत में पहली बार कब शुरू हुआ फास्टैग? (When Start FasTag in India)

भारत में फास्टैग की शुरुआत सबसे पहले अहमदाबाद और मुंबई हाईवे के बीच वर्ष 2014 में शुरू की गयी थी, उसके बाद जुलाई 2015 में इसे चेन्नई-बेंगलुरु टोल प्लाजा पर भी शुरू कर दिया गया बाद में धीरे – धीरे इसके सफल होने पर इसको पुरे देश में लागू कर दिया गया है, इन टोल प्लाजाओं में आप फास्टैग के जरिए टोल टैक्स का भुगतान कर सकते हैं।

कब से बिकने वाले वाहनों में फास्टैग जरुरी होगा ?

वर्ष 2019 में एक दिसंबर के बाद से बिकने वाले सभी प्रकार के चार-पहियां वाहनों पर फास्टैग लगाना अब जरुरी होगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी गाड़ी निर्माताओं कंपनी और वाहन डीलरों को यह बता दिया है कि वो पहले से ही इसकी सुबिधा दें।