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NPA Full Form – What is the Full form of NPA एनपीए क्या होता है ?

NPA के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में What is NPA in Hindi, NPA Stands for?

दोस्तों, हम सभी ने कभी न कभी टीवी या न्यूज़ में NPA का नाम जरूर सुना होगा, बहुत लोग इसके बारे में जानते भी होगें। ये क्या होता है, ये किस सेक्टर से जुड़ा शब्द है, इसका बढ़ जाना देश के लिए कितना नुकशान होता है जैसी सभी जानकारी आप को इस Post के माध्यम से मिलेगी साथ में आप को NPA Full Form के बारे में भी सभी जानकारी इस पोस्ट से प्राप्त होगी। NPA Full Form

NPA Full form

आईये सबसे पहले जानते है की NPA का फुल फॉर्म क्या होता है

NPA Full Form – Non-Performing Asset

Non-Performing Asset (NPA) is a loan or an advance where its Interest and /or Installment of principal remain overdue for a period of time.

यह बैंकिंग और देश की आर्थिक स्थिति से जुड़ा शब्द होता है, आज के समय में यह एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिसका जिक्र बार – बार हो रहा है, आज आये दिन टीवी और मीडिया में इसपर बहस हो रही है की देश में Banks का NPA बढ़ रहा है जो देश और देश की आर्थिक ब्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है। आप सभी सुनते ही होगें की हमारी इकॉनमी में NPA का बढ़ना बैंकों के लिए सिर का दर्द बना हुआ है।

सरल भाषा में कहें तो NPA का मतलब ऐसी सम्पतियों से होता है जिसका देश की अर्थववस्था में कोई योग्यदान नहीं होता है, और अगर हम NPA in Bank की बात करें तो यह Loans के बारे में होता है। यह अधिकतर बड़े लोगों के लोन लेने से पैदा होने वाली समस्या होती है क्योंकि छोटे लोग Loan लेते है तो, बैंक रात दिन एक करके उनसे पैसे वसूल करवा लेती है मगर बड़े लोगों से बैंक ऐसा नहीं करवा पाती है और वो लोग उन सम्पतियों पर बैंक से लोन उठा लेते है जो कोई काम की नहीं होती है जिससे बैंक और देश दोनों के लिए अच्छा नहीं होता है। इसी के कारण बैंकों का NPA बढ़ जाता है जिससे देश और बैंक दोनों को इसका नुकसान झेलना होता है। NPA Full Form

आईये बैंक NPA को कुछ इस तरह से समझते है।

मान लीजिये किसी ने बैंक से बड़ा लोन लिया और बैंक उससे वह लोन लेने में समर्थ नहीं है या फिर वो समय पर लोन अदा नहीं कर रहा है, तो यह एनपीए की श्रेणी में आ जाता है और इसे bad loans भी कहा जाने लगता है। क्योंकि उन्हें Recover करने की सम्भावना बेहद कम होती है, इसलिए ऐसे loan जिनके Default होने की Max सम्भावना होता है वह NPA Category में आते है, यही सब NPA होता है। आज हमारे देश में बहुत से ऐसे बड़े लोग है जो बैंकों को चूना लागकर बैठे है सायद आप सभी भी उनके नाम जानते होगें मैं यहाँ उनके नाम नहीं लिखना चाहता है मगर आप सभी समझते होंगे की वो लोग कौन है, आज आये दिन NPA के बारे में टीवी और न्यूज़ में आता रहता है।

आज के समय में बैंकों में घोटालों की बड़ी वजह है NPA

बैंकिंग घोटालों के पीछे एक बड़ी वजह रही है NPA, यानि वह संपत्ति या धनराशि, जिससे उन्हें आय होना बंद हो जाती है यानि जिसके वापस मिलने की संभावना कम होती है, जिसमे अधिकतर बड़े उद्योगपति और ब्यापारियों को दिए कर्जे होते है जिसको घाटे में चल रहे उद्योगपति और ब्यापारी बैंकों को नहीं चुकाते है। अभी आप सब ने नीरव मोदी के ताजे मामले में ऐसा कुछ सुना होगा।

NPA कैसे बनते है? NPA Details in Hindi

यदि तय अवधी या सीमा के 2 महीने बाद तक कर्जा यानि लोन वापस नहीं किया जाता है तो बैंक इसे दूसरी केटेगरी का स्पेशल मेंशन अकाउंट (SMA-2) कहते है, यानि उनपर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत नहीं है, लेकिन अगर 90 दिन तक भी कर्जे की अदायगी नहीं होती है तो इसको NPA करार दे दिया जाता है। अभी हाल ही में मोहुल चोकसी की कंपनी को किया गया 8000 करोड़ रूपये का कर्जा फिलहाल SMA-2 है।

RBI के मुताबिक दिसंबर 2017 तक बैंकों की कुल राशि का 10.2% NPA

India से ज्यादा इन देशों का NPA

ग्रीस – 36.4%
इटली – 16.4%
पुर्तगाल – 15.5%
आयरलैंड – 11.9%
India – 10.2%

क्यों हो जाता है NPA?

नियम के मुताबिक बैंकों को लोन देने से पहले कलेक्ट्रोल (गारंटी) चाहिए होती है लेकिन बड़े ब्यापारी और उदयोगों के मामले में कई बार भविष्य की संभावनाओं के मद्देनजर बैंक इस शर्त को नजरअंदाज कर देते है सहारा और विजय माल्या के मामले में ऐसा ही हुआ था। NPA Full Form

यदि कंपनी एक कर्ज चुकाने में असफल रहती है तो उसे और कर्ज नहीं दिया जाना चाहिए लेकिन बहुत से मामलों में बैंक कर्ज चुकाने वाले को पहले कर्ज को पूरा नहीं करने के बाद भी दूसरा कर्जा दे देती है यही सब गलत काम होता है जिसकी वजह से ऐसा होता है।

सरकारी बैंकों के निर्देशकों का चयन सरकार करती है इसलिए उनपर सरकार का दबाव रहता है जिसके चलते उद्योगपति और बड़े ब्यापारी बैंकों से लोन उठा लेते है जो अच्छी बात नहीं होती है मगर राजनीति ऐसी होती है जो सब कुछ करवाती है और बाद में जब समस्या होती है तो इसका खामियाजा पुरे देश को झेलना होता है।

NPA के चलते कई बैंक दिवालिया हो गए कई बैंकों का दूसरे बैंकों में विलय करना पड़ा।

यह एक विश्व लेवल की समस्या है यह लगभग सभी देशों में होता है।

NPA निम्न वजह से बढ़ जाती है।

Bank Loan देने के Process में खामी होना
कोई Banking आपदा आने पर
जिस बिजनेस या कंपनी ने Loan लिया है उसका दिवालिया हो जाना

NPA का बढ़ना देश की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव डालता है

अगर किसी Country का एनपीए (NPA) बढ़ जाता है तो इससे देश की अर्थव्यवस्था पर खराब असर पड़ता है
Bank के Share Holders को भी इस से नुकसान होता है
इसका प्रभाव Banks के मुनाफे पर भी पड़ता है

हालाँकि हमारे देश (India) में भी Banking Sector में NPA एक अहम् मुद्दा है जिससे पार पाने के लिए कोशिशे जारी है, npa full form के बारे में जानकारी आप को कैसी लगी Comment!

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What is NPA in Hindi

Types of NPA

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