Mid Day Meal in Hindi – मिड डे मिल Scheme के बारे में जानकारी Mid Day Meal Program

Mid Day Meal Scheme In Hindi – Mid Day Meal Program In India – चिर परिचित योजना

भारत के सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल कार्यक्रम के बारे में जानकारी हिंदी में प्राप्त करें, जाने मिड डे मिल योजना कार्यक्रम क्या है और यह क्यों लाया गया और यह कैसे देश के सभी सरकारी स्कूलों में सुचारु रूप से चल रहा है। Mid-Day Meal Scheme आज के समय में एक बहुत ही चिर परिचित योजना है जिसके बारे में हम सभी लोग जानते है।

Mid Day Scheme – Class I to VII

Mid-Day Meal National Scheme for School विद्यालयों में मध्यान भोजन का राष्ट्रीय कार्यक्रम

मिड डे मिल योजना कार्यक्रम मूल रूप से देश की 2408 तहसीलों में 15 अगस्त 1995 को प्रारम्भ की गयी थी। 1997-98 तक इसे देश के समस्त ब्लॉकों में लागू कर दिया गया था। स्कूलों में दोपहर का भोजन राष्ट्रीय कार्यकम लगभग 12 करोड़ ऐसे बच्चों को कवर करता है, जो सरकारी (स्थानीय निकयों सहित) सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और शिक्षा गारंटी योजना (EGS) एवं बैकल्पिक तथा नवीन शिक्षा स्कीमों (AIE) के अंतर्गत चलाये जा रहे केंद्रों में शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर शिक्षा प्राप्त कर रहे है। इस कार्यक्रम का बिस्तार दिनांक 01/10/2007 से शिक्षा के उच्य प्राथमिक स्तर के बच्चों (Class VI to VIII तक) के लिए 3479 एजुकेशनल रूप से पिछड़े ब्लॉकों (EBB) में किया गया था। इसमें Class VI to VIII तक के लगभग 1.7 करोड़ अतरिक्त बच्चों को शामिल किये जाने की आशा की गयी है। Mid Day Meal in Hindi 

मिड डे मिल कार्यक्रम में प्राथमिक स्तर के बच्चों को 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन का दोपहर का भोजन मुहैया कराया जाना है। प्राथमिक स्तर से ऊपर के बच्चों के लिए 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन का पोषाहार निस्चय किया गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत लौह, फोलिक एसिड , और बिटामिन A जैसे छोटे पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा की भी सिफारिश की गयी है। पोषाहार मानदंडों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार प्रति प्राथमिक स्कूल बालक विदयालय दिवस 100 ग्राम की दर से और प्रति प्राथमिक स्कूल से ऊपर के बालक विद्यालय दिवस 150 ग्राम की दर से खदयान मुहैया कराती है। Mid Day Meal in Hindi

Mid Day Meal Scheme Ke Antragat Ane Wali Samasyae

mid day meal in hindi

इस कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाली कुछ समस्याएं इस प्रकार है जो सभी स्कूलों में आये दिन होती है। Mid Day Meal in Hindi

1. अधिकतर स्कूलों में Mid Day Meal Scheme के अंतर्गत लगभग हर दूसरे दिन वही भोजन पकाया जाता है, जो एक दिन पहले पकाया गया था। हम कह सकते है की अलग अलग भोजन का अभाव रहता है।
2. क्लास के घंटे कम हो जाना अर्थात टीचर की क्लास में उपस्थ्ति में घंटों कर प्रभाव पड़ता है क्यों की टीचर को इस स्कीम के अंतर्गत बनाने वाले भोजन की ब्यवस्था भी करनी होती है जिसके कारण टीचर क्लास में कम समय दे पाते है।
3. बुनियादी सुबिधाओं का अभाव बना रहता है।
4. ठीक ढंग से साफ सफाई न होने के कारण Mid Day Meal Scheme स्टार्ट होने के बाद भी बहुत सारे बच्चे कुपोषण और कमजोरी के शिकार हो रहे है।
5. खाना पकाने वालों को कम वेतन भी इस समस्या बनी हुई है जिसके कारण खाना बनाने वाले कहना बनाने में लापरवाही कर बैठते है, जिसके बारे में कभी न कभी हम लोगों को समाचार पत्रों में पढ़ने के मिलता है।
6. Mid Day Meal Scheme में अभिभावकों के साझेदारी का कम होना भी इस स्कीम की एक समस्या बनी है , अभिभावक कोई जिम्मेदारी निभाना ही नहीं चाहता है वो बस यही चाहता है की स्कूल में भोजन मिलता है भोजन कैसे मिलता है अभिभावक कभी भी इसके बारे में स्कूल मैनेजमेंट से बात नहीं करता। वो बस यही सोचता है की जैसे मिल रहा है वैसे चलने दो कुछ तो बच्चों को मिलेगा ही।
7. भोजन के लिए खाद्य सामग्री और पैसे पहुंचने में अनिमितता
8. कोर्ट के अनुसार भोजन की क्वालिटी और मात्रा का न होना।
9. भारतीय खाद्य निगम द्वारा निम्न क्वालिटी का गेहू और चावल मिलना।
10. जहां भोजन बनता है उस जगह का सही से रखरखाव सही ढंग से न हो पाना भी इस Scheme की एक समस्या बनी हुई है।

Mid Day Meal in Hindi

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