Gratuity Act 2017 – ग्रच्युटी जो कटती है सैलरी से – अब 20 लाख की Gratuity टैक्स फ्री होगी

Gratuity Act  – 2017 जानिए क्या होती है ग्रजुएटी ? Gratuity Benefits of Gratuity – Union Cabinet Approves Doubling of Gratuity Payment

अब 20 लाख की Gratuity टैक्स फ्री होगी

केंद्रीय कैबिनेट ने मजूर किया Gratuity कानून में संसोधन का प्रस्ताव, निजी और सरकारी संस्थाओं के कर्मियों को लाभ मिलेगा, 05 साल की सेवा के बाद ही मिलता है Gratuity का लाभ

केंद्र सरकार (Central Govt) ने संगठित सेक्टर के कर्मचारियों की टैक्स फ्री Gratuity की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रूपये कर दी है। प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार (13 Sept 2017) को The Payment of Gratuity Act, 2017 में संसोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। Gratuity Act

Gratuity Act

Gratuity एक प्रकार से लम्बी सर्विस के लिए एक उपहार राशि (उपादान) होती है अगर कोई बहुत लम्बी सर्विस किया है तो उसको ग्रजुएटी के रूप में कुछ राशि रेटायर्मेंट के टाइम पर मिलती है उसी को Gratuity कहा जाता है। भारत में Gratuity के लिए सरकार ने सबसे पहले 1972 में ग्रेजुएटी अधिनियम (The Payment of Gratuity Act, 1972) बनाया था समय – समय पर इसमें सुधार भी किये गए है। Gratuity का असली मतलब होता है उपहार के रूप में एक राशि जो रेटायर्मेंट, Superannuation या On Death or Disablement due to accident or disease के बाद सरकारी और अच्छी प्राइवेट कंपनी द्वारा भी दिया जाता है ज्यादातार सरकारी सेक्टर में इसका ज्यादा बोलबाला है। गवर्नमेंट कर्मचारयों में ही Gratuity की चर्चा ज्यादा होती है। प्राइवेट में भी रेटाइएड होने पर भी कुछ ऐसा ही मिलता है।

जानिए क्या होती है Gratuity ? ग्रच्युटी जो कटती है सैलरी से

Gratuity एक प्रकार से वेतन से काटा गया एक भाग होता है जिसे हम उपादान के रूप में कह सकते है शुरुवाती समय से यह कर्मचारी की स्वयं की मर्जी से किया जाता था मगर जब से इसमें ग्रजुएटी अधिनियम बना तभी से ग्रजुएटी के लिए कुछ राशि कटाना अनिवार्य कर दिया गया है जो राशि रेटायर्मेंट के समय पर कर्मचारियों को ग्रजुएटी के रूप में मिलती है। ग्रेच्युटी अधिनियम, 1972 में Every Company, जिसमें 10 से अधिक कर्मचारी हैं, कर्मचारियों को ग्रेच्युटी देने के लिए बाध्य है। ग्रेच्युटी कर्मचारी के मूल वेतन Basic Pay एवं महंगाई भत्ते DA की राशि के आधार पर दी जाती है। Gratuity Act

योग्यता Eligibility of Gratuity

जब कोई ब्यकित किसी कंपनी में 5 साल से ज्यादा के समय से काम कर रहा हो तो वह ग्रजुएटी पाने का हकदार होता है। हालांकि, यह लाभ किसी की मौत या विकलांगता पर नहीं मिलता है। इस सूरत में ग्रेच्युटी की राशि Nominee या कानूनी वारिस को मिलती है।

Gratuity कैलकुलेशन In Hindi

Formula for Gratuity Calculation = [((Basic Pay + D.A) x 15 days) / 26] x No. of years of service

किसी भी कर्मचारी के ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन ग्रजुएटी अधिनियम 1972 के तहत ही किया जाता है। जब कोई Employee इस Act (Gratuity Act) के तहत कवर किया जाता है, तो उसकी 15 दिनों के Salary या Wages को, जितने साल (10/15/20/30) काम किया है, उसे Multiply किया जाता है।

For Example जैसे Gratuity = अंतिम बेसिक सैलरी x15/26 x सेवा के वर्ष।

यानी अगर आपकी Basic Pay 20,000 रुपए है और आप कंपनी में 30 साल बाद नौकरी छोड़ते हैं, तो आपको मिलने वाली ग्रच्युटी होगी = (20,000X15/26) X 30 = 3,46,154 रुपए।

अगर आप सरकारी कर्मचारी है और आप बेसिक सैलरी 25000 रुपये है और 35 साल तक नौकरी करके Retired होने वाले है तो आप को Gratuity मिलेगी = (25000X15/26)X 35 = 5,04,808 Approx.

Gratuity कब मिलती है ?

Superannuation
Retirement or Resignation
On Death or Disablement due to accident or disease

Private Employee को जब Gratuity उनके नौकरी करते वक़्त मिलती है, तो उनकी ग्रेच्युटी पर टैक्स लगता है और वह उनके वेतन के अंतर्गत आता है। लेकिन सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी उनकी Retirement, Death या Pension के तौर मिलती है और उस पर टैक्स भी नहीं लगता है। आजकल सरकार ने 20 लाख तक की ग्रजुएटी को टैक्स फ्री कर दिया है। Gratuity Act

Gratuity is a cash benefit offered by an employer to his employee for rendering service in his Company.

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